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सोनभद्र:मृतकों के परिजनों को 18.50 लाख,दोषियों को कठोर दंड मिलेगा:योगी
21 जुलाई 2019 23:46
  *सोनभद्र के उम्भा गांव की घटना पर मुख्यमंत्री गरजे और खूब गरजे*



*दोषियों के विरुद्ध कठोर से कठोर कार्रवाई करने को मुख्यमंत्री ने अपनी प्रतिबद्धता बतायीं*



*दोषियों को जेल के शिकंजे में कैद कर उन्हें कठोर से कठोर दंड दिलाया जाएगा*



*मुख्यमंत्री राहत राशि बढ़ाते हुए मृतकों के परिजनों को 18.50 लाख व घायलों को 2.50 लाख किया*



*वनवासी, मूसहर, कौल, अनुसूचित जनजाति एवं गांव के गरीब प्रत्येक परिवार को प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत एक माह के अंदर मिलेगा एक मकान उपलब्ध-मुख्यमंत्री*



*उम्भा में खुलेगा पुलिस चौकी*



*घड़ियाली आंसू बहाने वालों के सरकार के समय से ही गरीबों को उनके जमीन के अधिकार से वंचित रखा जा रहा है- योगी आदित्यनाथ*



*ग्रामीणों की सूचना पर पुलिस द्वारा कार्यवाही मैं सुस्ती बरतने की शिकायत की कराई जा रही है जांच, दोषी पाए जाने पर संबंधित अधिकारी बख्शे नहीं जाएंगे*



सोनभद्र(जनवार्ता)।उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गत 17 जुलाई को घोरावल तहसील के ग्राम उम्भा में हुए गोलीकांड में मृतकों को श्रद्धांजलि एवं उनके परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि घटना में लिप्त लोगों के विरुद्ध कठोर से कठोर कार्रवाई किया जाएगा। उन्होंने स्थानीय लोगों से कहा कि जिला प्रशासन को निर्देशित कर दिया गया हैं कि इस गांव में जिस जमीन पर जो लोग कृषि कार्य कर रहे हैं, उन्हें उस भूमि पर खेती करने दिया जाए। उन्होंने विशेष रूप से जोर देते हुए कहा घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस द्वारा बरती गई शिथिलता के संबंध में मिली शिकायत की जांच कराई जा रही है । गड़बड़ी मिलने पर संबंधित पुलिस अधिकारियों पर निश्चित रूप से कार्यवाही किया जाएगा। उन्होंने बताया कि प्रत्येक मृतकों के परिजनों को 18 लाख 50 हजार तथा घायलों को ढाई-ढाई लाख की आर्थिक सहायता सरकार द्वारा मुख्यमंत्री राहत कोष एवं समाज कल्याण विभाग की योजनाओं के अंतर्गत उपलब्ध कराए गए हैं।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रविवार को घोरावल तहसील के ग्राम सभा उम्भा के प्राथमिक विद्यालय परिसर में उक्त घटना में मृत एवं घायल लोगों के परिजनों से मिलकर उनके प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहां की दुख की घड़ी उनकी सरकार पीड़ित परिवार के संग खड़ी है। मुख्यमंत्री ने परिजनों को संबोधित करते हुए कहा कि घटना दुखद है और घटना की जानकारी होने के तत्काल बाद भी आना चाहते थे। लेकिन घटना में मृतक लोगो के दाह संस्कार होने की जानकारी तत्काल नहीं आया। उन्होंने कहा कि घटना दुर्भाग्यपूर्ण है। इस प्रकार की घटना को पूरी शक्ति से रोकने व किसी भी प्रकार गरीबों, वनवासियो, अनुसूचित जाति के तथा किसी भी समुदाय के गरीब लोगों को उनके हक से वंचित किए जाने जैसी इस प्रकार की घटना को शक्ति से रोकने के लिए सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है। पीड़ित परिवार की सहायता सरकार की वचनबद्धता है। उन्होंने पीड़ित परिजनों को ढाँढस बताते हुए कहा कि जिन लोगों ने अपने परिवार के सदस्य खोए हैं। उन्हें वापस तो नहीं लाया जा सकता। लेकिन सरकार परिजनों की सहायता करने के साथ-साथ दोषियों के विरुद्ध सख्त से सख्त कार्यवाही कर रही है। उन्होंने कहा कि कोल समाज, वनवासियों, अनुसूचित जाति के लोगों तथा समाज की मजलूमों के प्रति अन्याय की शुरुआत वर्ष 1953-54 से प्रारंभ हुआ है। इसकी जांच के लिए कमेटी का गठन कर दिया गया है। विशेष रूप से जोर देते हुए कहा कि गरीबों को न्याय मिलेगा। जिस जमीन पर जो लोग वर्तमान में क़ृषि कार्य कर रहे हैं। वे करते रहेंगे। उसे प्रशासन नहीं छेड़ेगा और जो लोग गरीबों के जमीन पर कब्जा किए हुए उनको भी किसी भी दशा में बख्शा नहीं जाएगा। उनके विरुद्ध कठोर से कठोर कार्रवाई सुनिश्चित कराई जाएगी।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वनवासी, मूसहर, कौल, अनुसूचित जनजाति एवं गांव के गरीब प्रत्येक परिवार को प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत एक माह के अंदर एक मकान उपलब्ध कराए जाने के लिए शीघ्र प्रस्ताव उपलब्ध कराए जाने हेतु जिला प्रशासन को निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि सभी गरीबों को एक एक मकान एवं शौचालय एक माह के अंदर मुहैया कराया जाएगा। जिनके घरों में बिजली नहीं है तो उन्हें बिजली कनेक्शन अथवा सोलर पैनल की व्यवस्था कराया जाएगा। ताकि घरों में रोशनी रहे। क्षेत्र में सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस चौकी की स्थापना होगी। उन्होंने जिला प्रशासन को निर्देशित किया जिन गांवों में आंगनवाड़ी केंद्र नही है, उसका सर्वे कराकर आंगनवाड़ी केंद्र की स्थापना सुनिश्चित कराया जाए तथा गांव की इंटर पास लड़कियों को प्रशिक्षित करके आंगनवाड़ी केंद्रों पर उनकी सेवाएं दे जाय। उम्भा गांव एवं आसपास के गांव में गर्मियों में लगने वाली आग से छति को रोकने के लिए घोरावल में अग्निशमन केंद्र की स्वीकृति दे दी गई है। जहां पर उपलब्ध फायर टेंडर से गांव में होने वाले आगजनी घटना को रोका जा सके। 60 वर्ष से अधिक उम्र के वृद्ध एवं अनुसूचित जाति के वृद्धजनों, विधवाओं एवं विकलांग लोगों को अनिवार्य रूप से पेंशन उपलब्ध कराई जाएगी। इसकी शुरुआत उम्भा गांव से होगा। उन्होंने गांव में जूनियर हाई स्कूल की व्यवस्था कराए जाने हेतु भी जिला प्रशासन को निर्देशित किया। इसके साथ ही अनुसूचित जनजाति के बच्चों के लिए गांव में आवासीय विद्यालय की स्थापना कराए जाने हेतु जिलाधिकारी को निर्देशित किया। योगी आदित्यनाथ अपनी सरकार की प्रतिबद्धता बार-बार दोहराते हुए कहा कि पीड़ितों के प्रति संवेदना व दोषियों के प्रति कठोरता ही उनकी प्राथमिकता एवं वचनबद्धता है। उन्होंने कहा कि इस घटना के तह तक उनकी सरकार जाएगी। ताकि दोबारा ऐसी घटना की पुनरावृत्ति न हो सकती। उन्होंने कहा कि गरीबों के हक पर डाका डालने वालों पर कठोर कार्रवाई होगी।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विशेष रूप से जोर देते हुए कहा कि घड़ियाली आंसू बहाने वालों के सरकार के समय से ही गरीबों को उनके जमीन के अधिकार से वंचित रखा जा रहा है। उन्होंने कहा 1955, 1979 व 2017 में हुए घटना की जांच हेतु कमेटी गठित कर दी गई हैं। गरीबों को उनके परंपरागत खेती कार्य करने से वंचित किए जाने आदि के संबंध में 10 दिनों में रिपोर्ट मिलने के बाद कार्यवाही किया जाएगा।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 21 परिवार के परिजनों को पचास-पचास हजार रुपये धनराशि का चेक प्रदान किया।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ उम्भा गांव पहुंचने पर सबसे पहले घटना में मृतक व घायलों के परिजनों के पास स्वयं पहुंचकर उन्हें ढाढ़स बधाते हुए उनका कुशलक्षेम पूछा। परिजनों के छोटे-छोटे बच्चे के सिर पर हाथ फेरते हुए मुख्यमंत्री ने दोषियों को न बख़्शने की बात कही।

इस अवसर पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव, एम0एल0सी0 केदारनाथ सिंह, उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव डॉ अनूप चंद्र पांडे, पुलिस महानिदेशक ओ0पी0सिंह, अपर मुख्य सचिव सूचना एवं पर्यटन अवनीश कुमार अवस्थी भारी संख्या में गांव के लोग उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घटनास्थल का मौके पर जाकर जायजा लिया।