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बर्थडे स्पेशल: जब गांगुली ने 3 बार गेंद को पहुंचाया स्टेडियम के बाहर
08 जुलाई 2017 16:32
  नई दिल्ली। भारतीय टीम के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली अपनी धमाकेदार पारी और लंबे छक्के लगाने की वजह लोगों के दिलों में बसे हुए हैं। उनके फैंस उन्हें दादा के नाम से भी पुकारते हैं। इसके अलावा दादा स्पिन बॉलिंग के खिलाफ सबसे खतरनाक बल्लेबाज थे, जिसका असली चेहरा 1998 में जिम्बाब्वे के खिलाफ हुए वनडे मैच के दौरान दिखा।








3 बार गेंद को पहुंचाया स्टेडियम के बाहर

साल 1998 कोका कोला चैंपियंस ट्रॉफी में जिम्बाब्वे और भारत की टीमें फाइनल में पहुंची। जिम्बाब्वे ने 9 विकेट खोकर 196 रन बनाए थे। लक्ष्य का पीछा करने उतरी टीम इंडिया की ओर से 26वें ओवर की पहली गेंद को खेलने के लिए सौरभ गांगुली क्रीज पर मौजूद थे। गेंद ग्रांट फ्लावर के हाथों में थी। पहली गेंद पर गांगुली ने क्रीज से आगे बढ़कर लॉन्ग ऑन की ओर हवा में तेज शॉट मारा। गेंद स्टेडियम की छत को पार करते हुए सड़क पर जा गिरी। इसी ओवर की दूसरी गेंद पर दादा ने उसी तरह का शॉट खेला और बॉल फिर से स्टेडियम को पार कर गई। अब तक ग्रांट फ्लावर बेहद हताश हो चुके थे। कप्तान ने उनका ढांढ़स बांधा लेकिन गांगुली कहां मानने वाले थे। उन्होंने 29वें ओवर की पहली गेंद पर स्क्वायर लेग की और छक्का लगाया और ये गेंद फिर से मैदान पार कर गई।








सौरव गांगुली के इस अंदाज को लोगों ने खूब सराहा और वे लोगों के दिलों में छा गए। इस मैच में गांगुली ने 63 रनों की नाबाद पारी खेली थी जिसमें उन्होंने 3 छक्के जड़े थे। बता दें कि गांगुली ने 113 टेस्ट मैचों की 188 पारियों में 51.25 की स्ट्राइक के साथ 7212 रन बनाए हैं। इस दौरान उनका सर्वश्रेष्ठ स्कोर 239 रहा। वहीं बात अगर वनडे की हो तो इस बाएं हाथ के बल्लेबाज ने 311 मैचों में 71.70 की स्ट्राइक से 11363 रन बनाए। इस दौरान गांगुली ने एकदिवसीय मैचों में 190 छक्के लगाए।




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