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21 अगस्त 2019 Breaking News हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष उमेश नारायण शर्मा का निधन,शोक
 
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सोनभद्र नरसंहार पर संग्राम : प्रियंका गाँधी हिरासत में,दिया धरना
19 जुलाई 2019 18:00
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सोनभद्र नरसंहार को लेकर यूपी की राजनीति गरमाई 

* शुक्रवार सुबह ही घायलों से मिलने वाराणसी पहुंची प्रियंका गाँधी 

* सोनभद्र घटनास्थल जाने से रोकी गई प्रियंका, धरने के दौरान पुलिस ने लिया हिरासत में 

* सीएम योगी आदित्यनाथ ने किया पलटवार, कांग्रेस को बताया जिम्मेदार 

 वाराणसी(जनवार्ता)। उत्तर प्रदेश के सोनभद्र में हुए जमीन विवाद को लेकर नरसंहार के बाद प्रियंका गांधी ने शुक्रवार को पीडि़तों का हाल जानने वाराणसी पहुंचकर राजनीति को गर्म कर दिया। इसके बाद सोनभद्र जाने के दौरान उन्हें वाराणसी-मिर्ज़ापुर बार्डर पर नारायणपुर में रोक दिया गया। विरोध में कांग्रेस महासचिव सड़क पर ही धरने पर बैठ गईं। इसके बाद प्रियंका को एसडीएम की गाड़ी में बैठाया गया। उन्हें पुलिस ने हिरासत में लेकर  चुनार गेस्ट हाउस ले गयी। कांग्रेस समर्थकों का हुजूम चुनार गेस्ट हाउस पहुंच गया और नारेबाजी करने लगा। प्रियंका गांधी ने कहा कि मैं सोनभद्र पीड़ित परिजनों से मिलना चाहती थी लेकिन मुझे जाने नहीं दिया गया।जब मैंने अधिकारियों से इस बाबत कोई आदेश दिखाने को कहा तो वह नहीं दिखा सके, मुझे हिरासत में ले लिया।उन्होंने कहा कि यदि 144 लागू था तो मैं सिर्फ 4 लोगों के साथ भी जाने को तैयार थी फिर भी मुझे रोका गया। प्रदेश में अराजकता का माहौल है।वे हिरासत में ही धरने पर बैठी है।

इससे पहले बीएचयू के ट्रामा सेंटर में सोनभद्र में हुए नरसंहार के घायलों का हाल जानने शुक्रवार की सुबह 11:05 पर प्रियंका गांधी ट्रामा सेंटर पहुंची थीं। पुलिस प्रशासन की तरफ से सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। ट्रामा सेंटर के बैक एंट्री गेट से प्रियंका गांधी को हॉस्पिटल में प्रवेश कराया गया। प्रियंका गांधी ने चश्मदीद गवाह रामकुमार से घटना की जानकारी ली तथा घायलों का कुशलक्षेम पूछा। घायलों के चोट को भी देखा तथा हर संभव मदद का आश्वासन दिया।

बता दें कि 17 जुलाई को सोनभद्र के उभ्भा गांव में 112 बीघा खेत के लिए दस ग्रामीणों को मौत के घाट उतार दिया गया था। लगभग चार करोड़ रुपए की कीमत की इस जमीन के लिए प्रधान और उसके पक्ष ने ग्रामीणों पर अंधाधुन फायरिंग कर दी थी। इस हादसे में 25 अन्य लोग घायल हो गए थे।

 

उधर यूपी में ध्वस्त कानून-व्यवस्था को लेकर विधानसभा में जमकर हंगामा हुआ। सीएम ने सोनभद्र घटना के लिए कांग्रेस को ही जिम्मेदार ठहराया। प्रियंका गांधी के साथ कांग्रेस के पूर्व विधायक अजय प्रियंका को मिर्जापुर-वाराणसी सीमा के पास स्थित नारायणपुर गांव के पास रोका गया। जानकारी के अनुसार प्रियंका गांधी सोनभद्र जाने वाली थीं, लेकिन प्रशासनिक अधिकारियों ने जिले में धारा 144 लागू होने का हवाला देते हुए उन्हें यहां रोक दिया। बाद में उन्‍हें हिरासत में लेकर चुनार गेस्‍ट हाउस ले जाया गया है।  प्रियंका गांधी ने कहा कि मैं सोनभद्र हत्‍याकांड के पीड़‍ितों से मिलने के लिए जाना चाहती थी। मैंने यहां तक कह दिया था कि मेरे साथ केवल 4 लोग ही जाएंगे। हमें अभी भी प्रशासन जाने नहीं दे रहा है। उन्‍हें यह बताना चाहिए कि हमें क्‍यों रोका जा रहा है। प्रियंका गांधी ने कहा कि सीएम योगी कुछ भी कर लें, हम झुकेंगे नहीं।


ट्वीटर से भी साधी निशाना

 

प्रियंका ने ट्वीट कर लिखा था कि भाजपा राज में अपराधियों के हौसले इतने बढ़ गए हैं कि दिनदहाड़े हत्याओं का दौर जारी है। सोनभद्र के उम्भा गांव में भू-माफियाओं द्वारा तीन महिलाओं सहित नौ गोंड आदिवासियों की सरेआम हत्या ने दिल दहला दिया। प्रशासन-प्रदेश मुखिया और मंत्री सब सो रहे हैं। क्या ऐसे बनेगा अपराध मुक्त प्रदेश।

 

विधानसभा में भी हंगामा

 

विधानसभा की कार्यवाही दूसरे दिन भी विपक्ष के हंगामे की भेंट चढ़ गयी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जैसे ही सोनभद्र हत्याकांड पर बोलने के लिए उठे, विपक्ष के नेता बेल में पहुंच गये और हंगामा करने लगे। इस दौरान उनके द्वारा की जाने वाली नारेबाजी के बीच मुख्यमंत्री बोलते रहे और बेल में विपक्ष के सदस्य नारेबाजी करते रहे। हंगामा बढ़ाता देख अध्यक्ष ने 40 मिनट के लिए विधानसभा की कार्यवाही को स्थगित कर दिया। सुबह कार्यवाही शुरू होते ही सपा, बसपा व कांग्रेस ने यूपी में बिगड़ते कानून व्यवस्था का मुद्दा उठाया। विपक्ष के सदस्य अपने-अपने हाथों में नारा लिखी हुई दफ्तियां लिए हुए थे और नारेबाजी करते रहे। विपक्ष के सदस्यों का कहना था कि पूरा प्रदेश जल रहा है लेकिन सरकार उस पर नियंत्रण नहीं कर पा रही है।

 

पूरे प्रकरण के लिए कांग्रेस सरकार जिम्मेदार- सीएम

 

मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ ने इस पूरे विवाद के लिए कांग्रेस सरकार को जिम्‍मेदार ठहराया है। उन्‍होंने कहा कि कांग्रेस के शासन काल के दौरान वनवासियों की जमीन को एक सोसायटी के नाम कर दिया गया। उन्‍होंने कहा कि एक तीन सदस्‍यीय जांच कमिटी बनाई गई है जो 10 दिन के अंदर अपनी रिपोर्ट देगी। 1955 से 1989 तक यह जमीन आदर्श सोसायटी के नाम पर थी। 1989 में यह जमीन एक व्‍यक्ति के नाम पर चढ़ा दिया। आदर्श सोसायटी के नाम जमीन रहने पर भी यहां आदिवासी खेती करते थे और कुछ लगान सोसायटी को देते थे। जिन लोगों ने इस जमीन को अपने नाम किया था, वे इस जमीन पर कब्‍जा नहीं कर पाए।’ उन्‍होंने कहा, ‘1989 में इसे दूसरे को बेच दिया। वनवासी इस जमीन पर खेती करते रहे। इस पूरे प्रकरण की तह में जाएं तो 1955 में कांग्रेस की सरकार के दौरान स्‍थानीय लोगों की जमीन को हड़पने के लिए ग्राम समाज की जमीन को आदर्श सोसायटी के नाम पर दिया गया। इस जमीन को बाद में 1989 में बिहार के एक आईएएस के नाम पर कर दिया जो गलत था। उस समय भी कांग्रेस की सरकार थी।’ सीएम ने बताया कि बिहार के अधिकारी ने कब्‍जा नहीं कर पाने पर इस जमीन को वर्ष 2017 ग्राम प्रधान को बेच दिया। इस मामले कई मुकदमे चलते रहे। उन्‍होंने कहा कि इस पूरे प्रकरण में 1955, 1989 और 2017 में हुई हरेक घटना की जांच जरूरी है। यह गंभीर प्रकरण है और 3 सदस्‍यीय कमिटी बनाई गई है। पूरे मामले की जांच चल रही है और कमिटी 10 दिन के अंदर अपनी रिपोर्ट देगी। सीएम योगी ने कहा क‍ि इस पूरे मामले में कोई भी व्‍यक्ति कितना भी बड़ा हो, उसके खिलाफ सख्‍त कार्रवाई होगी। सीएम ने कहा कि घटना की जानकारी होते ही मैंने डीजीपी को इस प्रकरण का व्यक्तिगत रूप से अनुश्रवण करने व दोषियों को गिरफ्तार करने के लिए प्रभावी कार्रवाई हेतु निर्देश दिए। साथ ही डीएम सोनभद्र को घायलों का समुचित उपचार सुनिश्चित कराने के लिए भी निर्देशित किया गया। यूपी सरकार द्वारा मृतकों के आश्रितों को 5-5 लाख रुपए व घायलों को 50-50 हजार की आर्थिक सहायता दिए जाने का निर्णय लिया गया है।

 

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