janwarta logo
Today's E-Paper
 
Contact Us | Follow us on
facebook twitter google plus Blogspot
21 फरवरी 2020 Breaking News ट्रक की चपेट में आने से बाइक सवार युवकों की मौत  |  जीप की टक्कर से बाइक सवार चाचा-भतीजा की मौत  |  मोबाइल टावर के ज्यादा रेडिएशन से विलुप्त हुईं 90 फीसदी मधुमक्खियां
 
ज्यादा पठित
पुरुष सैक्स के लिहाज से ज्यादा आकर्षक मानते हैं ऐसी महिलाओं को
'मस्तीजादे' में सनी लियोनी-तुषार करेंगे रोमांस!
महिला-पुरुष निर्वस्त्र पिटते रहे, पुलिस देखती रही
जम्मू के पुंछ सेक्टर में भारतीय सैनिकों पर नापाक हमला, 5 जवान शहीद
एजाज खान ने लगाया कॉमेडी नाइट्स विद कपिल पर गंभीर आरोप
तीन भाषाओं में रिलीज होगी रितिक-कट्रीना की 'बैंग बैंग'
मन्नत मांगने पर यहां घड़ी चढ़ाते हैं लोग
बेवफा और चालाक है सनी लियोन!
इस टीवी शो के जरिए अब छोटे पर्दे पर आग लगाएंगी सनी लियोन
विस चुनाव 2017 : सपा ने जारी की उम्मीदवारों की लिस्ट
युवा चिकित्सकों के लिये मिसाल है डॉ केपी अग्रवाल का जीवन
21 नवम्बर 2018 23:49
Share
share on whatsapp
 

“मैं जब मात्र 9 वर्ष का बच्चा था तभी मेरी मां न्यूरो संबंधी बीमारी से मुझे छोड़ कर चली गई,उनका इलाज नही हो सका था। उस वक्त मुझे कुछ भी सूझ नहीं रहा था कि मैं क्या करूं।जीवन बिन माँ के जीना बहुत कठिन था। फिर मैंने ठाना की मैं डॉक्टर बनने की कोशिश करूंगा ताकि कोई मेरी उम्र का बच्चा बिन मां के जीने को विवश ना हो। और मैं डॉक्टर बनने में सफल हुआ।”

-डॉ केपी अग्रवाल(वरिष्ठ हड्डी रोग विशेषज्ञ, उम्र 75 वर्ष)

 

पूर्वांचल के प्रथम निजी हड्डी का अस्पताल फ्रैक्चर क्लीनिक के माध्यम से 50 हजार से अधिक पोलियोग्रस्त ,दुर्घटना से पीड़ित लोगों का सफल ऑपरेशन कर उनके जीवन में रंग लाने वाले वरिष्ठ हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉक्टर केपी अग्रवाल ने अपने जीवन में अनेक उतार-चढ़ाव देखे,लेकिन कभी अपने आदर्शों, मूल्यों से समझौता नहीं किया। विभिन्न संस्थाओं तथा स्वयं के प्रयास से हजारों पोलियो पीड़ित बच्चों,बच्चियों,महिलाओं और पुरुषों का सफल ऑपरेशन कर उनको चलने फिरने और जीवन जीने लायक बना कर समाज मे स्थान प्राप्त कराया।जीवन के हीरक जयंती वर्ष में प्रवेश करने के बावजूद आज भी उसी ऊर्जा के साथ काम कर रहे हैं, जैसा 1970 में सर्जन बनने के बाद शुरू किया था।

रूढ़िवादी परम्पराओं से भी खूब लड़ना पड़ा:

नये चिकित्सकों को जानना चाहिए कि डॉक्टर केपी अग्रवाल कभी रुके नहीं। उनके जीवन से आज के युवाओं को प्रेरणा लेने की आवश्यकता है। डॉक्टर अग्रवाल ने उस दौर में वाराणसी में निजी हड्डी का अस्पताल खोलने का निर्णय लिया जब लोग रूढ़ीवादी परंपराओं, नीम हकीम के चक्कर में रहते थे और हड्डी के डॉक्टर को कोई जानता भी नहीं था।उनका साहसिक निर्णय यूं ही सफल नही हुआ।उन्होंने वर्षों तक मुफ्त में सफल इलाज,ऑपेरशन कर लोगों को ठीक किया, जिससे धीरे धीरे लोगों में अस्थि रोग विशेषज्ञ के प्रति विश्वास जगने लगा।इसका लाभ बाद के चिकित्सकों को भी मिला।

डा अग्रवाल ने सरकारी अस्पतालों की तुलना में ज्यादा संख्या में मरीजों का ऑपरेशन किया जिससे उन हजारों परिवारों जिनके जीवन में अंधेरा छाया था की रोशनी लौट आयी।

पटना मेडिकल कॉलेज से ली डिग्री:

औरंगाबाद बिहार के साधारण परिवार में जन्मे और 1967 में पटना मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस तथा 1970 में वहीं से ऑर्थोपेडिक सर्जन की डिग्री प्राप्त करने के बाद आज 48 वर्षों में डॉक्टर के पी अग्रवाल का नाम देश के ख्याति लब्ध अस्थि रोग विशेषज्ञ में जाना जाता है।

डॉ अग्रवाल बताते हैं पद्मभूषण डॉ बी मुखोपाध्याय जो अपने जमाने के देश के ख्याति लब्ध ऑर्थो सर्जन थे ने मुझे खूब सिखाया,मुझे ट्रेनिंग दी। मैंने इंग्लैंड में भी 2 वर्षों तक सर्जरी कर दक्षता हासिल किया।

3 हजार पोलियो मरीजों का किया मुफ्त इलाज:

जीवन में अब तक 3 हजार से अधिक पोलियो ग्रस्त बच्चों की मुफ्त में सर्जरी कर आत्मिक शांति मिलती है। उनकी दुआओं का नतीजा है कि आज मेरे ऊपर लोग आंख बंद कर विश्वास करते हैं।

अंतरराष्ट्रीय विकलांग बच्चों के लिए कार्य करने वाली संस्था किरण का मैं लगातार 6 वर्ष तक अध्यक्ष रहा और 15 वर्षों से मुख्य सर्जन हूं।मुझे सर्जन के रूप में राज्यपाल से पुरस्कार भी मिल चुका है।

मरीजों की दुआ,आशीर्वाद ही मेरी पूंजी:

मेरी सर्जरी से स्वस्थ युवतियों जिनका अपंगताकी वजह से विवाह तक नहीं हो सकता था,आज सफलतापूर्वक अपनी गृहस्ती चला रही हैं।कई लोगों की नौकरी लगी।मेरी सबसे बड़ी पूंजी यही है। इन लोगों की दुआएं आशीर्वाद मुझे सदैव प्राप्त होता है। इसलिए जीवन के 75 वर्ष में भी मैं सदैव सेवा हेतु तत्पर हूं तथा काम कर रहा हूं।

जब गांधी को दिया नया जीवन:

अभी हाल ही में बिहार भभुआ का एक 4 साल का बच्चा मेरे पास आया। उसका एक्सीडेंट हो गया था तथा दोनों पैरों के ऊपर से गाड़ी गुजर गई थी।पैर बेजान हो गए थे अत्यंत गरीब परिवार का था।जांघ की मांसपेशी तक नहीं दिख रही थी, दोनों पांव ठंडे पड़ गए थे और काटने की स्थिति थी लेकिन मैंने युवा एनेस्थीसिया चिकित्सक डॉ निशु अग्रवाल के आत्मबल से साहस दिखाया।उसके परिजन को परिजन एक यूनिट खून तक लाने की स्थिति में नहीं थी। मैंने उसका मुफ्त 10 बार ऑपरेशन किया। उस बच्चे की जान बच गयी।




अनेक सामाजिक संस्थाओं में हैं महत्वपूर्ण पदों पर:

डॉक्टर अग्रवाल ने इस तरह के पुण्य के अनेक काम किए हैं।अनेक सामाजिक संस्थाओं जिनमें आर्य महिला पीजी कॉलेज प्रबंध कारिणी समिति के उपाध्यक्ष,थियोसोफिकल सोसाइटी ऑफ इंडिया वाराणसी बॉयज स्कूल के प्रबंधक, विशेश्वर ट्रस्ट के ट्रस्टी के होने के साथ वर्षों से रोटरी क्लब से भी जुड़े हैं। आज के दौर में इस तरह के चिकित्सक निजी क्षेत्र में ढूंढने से भी नहीं मिलते।




कर्म को मानते हैं पूजा:

चिकित्सा क्षेत्र को लोगों ने व्यवसाय बना लिया है। जबकि पुराने जमाने से चिकित्सा व्यवसाय नहीं सेवा मानी जाती रही है।डॉक्टर के पी अग्रवाल सेवा के सिद्धांत पर काम करते हैं। कर्म को पूजा मानते हैं तथा चिकित्सकीय कार्य को सेवा। उनके जैसे सर्जन पूरे पूर्वांचल में आज के दौर में भी ढूंढने से नहीं मिलते।

#डॉ_राज_कुमार_सिंह

#drkpagrawal#fracturesclinicvaranasi#bestorthopadicsurgen#easternup#poliopatientfreetreatment#drnishuagrawal #drrajkumarsingh

 
AD

नववर्ष मंगलमय हो
happy new year
नववर्ष मंगलमय हो

 
ताज़ा खबर
मोबाइल टावर के ज्यादा रेडिएशन से विलुप्त हुईं 90 फीसदी मधुमक्खियां
जीप की टक्कर से बाइक सवार चाचा-भतीजा की मौत
ट्रक की चपेट में आने से बाइक सवार युवकों की मौत
फर्जी एडमिट कार्ड पर बड़ेे पैमानेे पर बोर्ड परीक्षा में नकली परीक्षार्थी बैैैैैैठाने की थी तैयारी
बैंक सेवा केन्द्र से दिनदहाड़े डेढ़ लाख की लूट
अफगानी का आधार कार्ड समेत अन्य दस्तावेज बनाने वाला आजमगढ़ से गिरफ्तार
आर्टिकल 370 पर सरकार का विरोध करने वालीं ब्रिटिश सांसद को एयरपोर्ट से लौटाया
भारत विकास परिषद : गजेंद्र सिंह अध्यक्ष, श्याम शर्मा महामंत्री चुने गए
प्रधानमंत्री की CAA और अनुच्छेद-370 पर दो टूक, फैसले पर कायम हैं और रहेंगे
पीएम मोदी ने वाराणसी में 1250 करोड़ की 50 परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया, महाकाल एक्सप्रेस को दिखाई हरी झंडी
 
 
 फोटो गैलरी  और देखे
अंतर्राष्ट्रीय
International
PM मोदी स्वागत समारोह में न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री श्री जॉन की का स्वागत करते हुए।
नवीन चित्र
Latest Pix
संस्कार ब्राह्मण महिला संगठन की ओर से तीज महोत्सव
मनोरंजन
Entertainment
100 करोड़ क्लब में शामिल हुई मलयालम फिल्म 'पुलीमुरुगन'
खेल
Sports
डेविड वॉर्नर की 'ताकतवर' सिक्सर ने उन्हें जमीन पर 'गिराया'
वाराणसी और आसपास
VARANASI AUR AASPAS
वाराणसी में गड्ढे या गड्ढे में बनारस
Cartoon Economic panchayat election
 वीडियो गैलरी
महेंद्र कपूर के सदाबहार गीत यहाँ सुनें
video
बाबा सहगल की वापसी, आया नया वीडियो
video
पाक से हुआ वीडियो वायरल देखे क्या कहा
video
100 किलो के ट्रेन के डिब्बों को खींचती एसयूवी कार
video
इंडिपेंडेंस डे रेसुर्जेन्से का ट्रेलर
video